मनोरोगियों के इलाज के लिए वन अंब्रेला चैरिटेबल ट्रस्ट का संचालन तकरीबन पिछले सात से आठ सालों से किया जा रहा है. आरोप है कि यहां पर मनोरोगियों की हत्या कर मानव अंगों की तस्करी की जाती है और शव को परिसर में ही गड्ढा खोदकर जमीन के नीचे दफन दिया जाता है. (रिपोर्ट- Mohd Bakar )