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'पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली' योजना का हर वर्ग को मिल रहा लाभ, लाभार्थी बोले- लगभग जीरो हुआ बिल 

03-10 IDOPRESS

पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना से लोगों को भारी भरकम बिजली बिलों से राहत मिली है.

शहडोल (मध्य प्रदेश):

पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना (PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana) गरीब व्यक्तियों से लेकर मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए मील का पत्थर साबित हो रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 13 फरवरी 2024 को देश भर में लागू की गई इस योजना से लोगों को भारी-भरकम बिजली बिल से राहत मिल रही है,जिसकी बानगी मध्य प्रदेश के शहडोल में भी देखने को मिली है.

शहडोल शहर की पुलिस लाइन स्थित सेंट्रल अकादमी स्कूल के प्राचार्य संजय मिश्रा ने बताया कि उन्हें प्रधानमंत्री की सोलर योजना की जानकारी समाचार पत्रों से प्राप्त हुई. इसके बाद उन्होंने अपने घर में सोलर प्लांट लगवाया. उन्हें यह प्लांट लगवाए लगभग एक वर्ष हो चुका है. उन्होंने योजना की सराहना करते हुए बताया कि सोलर प्लांट लगने से बिजली बिल में काफी कमी आई है.

78 हजार रुपये की सब्सिडी मिली: मिश्रा

उन्होंने कहा कि ग्रीन एनर्जी पर्यावरण प्रदूषण से बचाव और बिजली संरक्षण का एक बेहतरीन साधन है. हम सूर्य की रोशनी से बनने वाली बिजली का उपयोग कर रहे हैं,जो निश्चित रूप से बेहद लाभदायक है. यह सभी नागरिकों के लिए शहर,राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपनाने योग्य है. इस प्लांट को लगवाने में लगभग दो लाख रुपये का खर्च आया,जिसमें से सरकार द्वारा 78 हजार रुपये की सब्सिडी प्राप्त हुई. इसके रखरखाव पर कोई अतिरिक्त खर्च नहीं है.

संजय मिश्रा ने आगे कहा कि उनके घर में फ्रिज,कूलर और एसी के अत्यधिक उपयोग के कारण पहले भारी बिजली बिल आता था,लेकिन सोलर प्लांट लगने के बाद अब उनका बिजली बिल पहले की तुलना में लगभग शून्य हो गया है. मिश्रा ने बताया कि उन्हें इस योजना के लिए उनके स्कूल के पूर्व छात्र शुभ गुप्ता ने प्रेरित किया था.

रखरखाव जीरो,बिजली बिल भी आधा: बडेरिया

एक अन्य लाभार्थी नितिन बडेरिया ने कहा कि वह भी पीएम सूर्य घर योजना का लाभ ले रहे हैं. उन्हें इस योजना की जानकारी मध्य प्रदेश बिजली बोर्ड और मीडिया के माध्यम से मिली थी.

नितिन ने कहा कि तीन केवी (किलोवाट) का प्लांट लगवाया है,जिसकी लागत लगभग 2.30 लाख रुपये आई है. पहले उनका बिजली बिल 10 हजार रुपये से अधिक आता था. प्लांट लगने के बाद बिजली बिल 50 प्रतिशत से भी कम आता है. इसका रखरखाव शून्य है और इससे प्रधानमंत्री द्वारा चलाए गए ग्रीन एनर्जी प्रोसेस को बढ़ावा मिलेगा.

(हेडलाइन के अलावा,इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है,यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

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